बस्ती: जीआरपी जवान से मारपीट करने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार, अवैध असलहा बरामद
बस्ती में पुलिस का 'ऑपरेशन शिकंजा': कुख्यात अपराधी अनुज दूबे अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार पुलिस पर हमले का आरोपी गिरफ्तार, मूड़घाट पुल के पास पुलिस और अपराधी की मुठभेड़ में मिली सफलता
बस्ती पुलिस की बड़ी कामयाबी: शातिर अपराधी ‘अनुज दूबे उर्फ गुल्ली’ अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
- 22 संगीन वारदातों का आरोपी आखिरकार गिरफ्तार: बस्ती पुलिस की बड़ी कामयाबी
- अपराध का ‘गुल्ली’ अंत: कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा कुख्यात अपराधी अनुज दूबे
बस्ती, 28 मई 2026: जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने एक खूंखार अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह अपराधी लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और हाल ही में इसने जीआरपी थाना, गोरखपुर में तैनात एक मुख्य आरक्षी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया था।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 229/2026 (धारा 109, 324(5), 352, 351(3) बीएनएस) के तहत वांछित अपराधी अनुज दूबे उर्फ गुल्ली (29 वर्ष), जो कि उमरिया, थाना दुबौलिया का निवासी है, की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही थी।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोती चन्द के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली कि उक्त आरोपी कहीं भागने की फिराक में है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 27 मई 2026 को मूड़घाट पुल के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अपराधी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिस बल ने उसे सफलतापूर्वक धर दबोचा।
बरामदगी और नया मुकदमा
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
- एक अवैध रिवाल्वर
- 02 जिंदा कारतूस
- एक मोबाइल फोन
- एक डंडा
इस बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध ‘आर्म्स एक्ट’ की धारा 3/25 का इजाफा किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।
अपराधों का लंबा इतिहास
अनुज दूबे उर्फ गुल्ली का आपराधिक रिकॉर्ड अत्यंत लंबा है। बस्ती जिले के विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध लूट, चोरी, हत्या का प्रयास (धारा 307), गैंगेस्टर एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत कुल 22 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध थाना हरैया, कलवारी, कोतवाली, लालगंज और दुबौलिया में कई पुराने आपराधिक मामले लंबित हैं, जो उसकी आदतन अपराधी होने की पुष्टि करते हैं।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम
इस जटिल गिरफ्तारी को अंजाम देने में कोतवाली पुलिस की सक्रिय टीम का विशेष योगदान रहा:
- नेतृत्व: प्रभारी निरीक्षक मोतीचंद राजभर।
- उप-निरीक्षक टीम: जितेन्द्र कुमार सिंह (चौकी प्रभारी बड़ेबन), अजय सिंह (चौकी प्रभारी सिविल लाइन), सुरेन्द्र प्रसाद (चौकी प्रभारी रौता)।
- आरक्षी टीम: हेड कांस्टेबल संदीप सिंह, कांस्टेबल राम सिंह, कांस्टेबल सौरभ सिंह, कांस्टेबल अनुराग वर्मा, रिक्रूट कांस्टेबल पवन कुमार यादव।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के क्रम में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे इस अभियान से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के मनोबल में कमी आने की उम्मीद है।








